प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिंदगी में अपनी चुनौती को स्वीकार कर लेना चाहिएऔर प्रत्येक व्यक्ति को और जीतना चाहिए उससेफाइट करना चाहिए नेकी उससे भागना चाहिए
नमस्ते मैं मुकेश हूं। मेरे ब्लॉग में आपका तहे दिल से स्वागत करता हूं। इस ब्लॉग में मैं आपको रोचक शायरी बताऊंगा या आपके जीवन मार्गदर्शन के लिए रोचक उल्लेख को आपके समक्ष प्रस्तुत करूंगा जो आपकोआपके जीवन जीने वे जिंदगी में रहने के तौर-तरीकों को बता कर आपको आपके जीवन संघर्ष को पूरा करने के लिए यह पोस्ट आपको अच्छा प्रोत्साहित करेगा एक बार भगवान राम व लक्ष्मण की भेट मेंढक से हुई 1 दिन भगवान राम और लक्ष्मण स्नान करने के लिए सरोवर में उतरते हैं और अपने अपने धनुष को तट पर ही गाड़ देते हैं ।पर जब वे स्नान करके वापस सरोवर तट पर आते हैं तो वे देखते हैं कि धनुष की नोक पर खून लगा हुआ था। उन्होंने वहां पर से मिट्टी को हटाकर देखा तो उन्हें पता चला कि एक में दोढक मरने की हालत में पड़ा था। एक मेंढक भगवान राम ने करुणावश मेंढक से पूछा तुमने हमको आवाज क्यों नहीं दिया कुछ हलचल छटपटाहट क्यों नहीं की जब सांप तुम को पकड़ लेता है तो तुम खूब आवाज करते हो जब धनुष लगा तब क्यों नहीं की यह सुनकर मेंढक बोला है कि जब सांप पकड़ता है तब मैं राम-राम चिल्लाता हूं इसलिए क्योंकि क्या पता भगवान राम मेरी पुका...